25 फरवरी 2018 को मेरठ की क्रांति धरा 1857 की महान क्रांति के बाद एक बार फिर इतिहास रचेगी। अमेरिका,कनाडा ,ब्रिटेन सहित दस अन्य देशों सहित दो लाख इक्यावन हजार से अधिक स्वयंसेवक यहां जागृति विहार में एकत्र होकर सम्पूर्ण विश्व को समरसता के साथ जाग्रत हिन्दू शक्ति का संदेश देंगे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वाराब1925 में ऊनी स्थापना के बाद यह इसके इतिहास का सबसे बड़ा आयोजन होने जा रहा है,जिसे संघ के सर संघचालक मोहन राव भागवत संबोधित करेंगे।
कार्यक्रम स्थल पर रथाकार मंच बनाया गया है जिसपर ग्लोब में भारत माता का चित्र दर्शाया गया है।इस पर संघ के प्रथम एवं द्वितीय सरसंघचालकों का चित्र भी लगाया गया है।यह मंच 92 फ़ीट ऊंचा है जिसके पीछे 182 फ़ीट लम्बा बैक ड्राप लगाया गया है। यहां भगवा ध्वज फहरनेबके लिए 101 फ़ीट लम्बा स्टील पोल लगाया गया है। कार्यक्रम स्थल पर नौ हजार लाउडस्पीकर लगे हैं। यह अपने आप में अद्भुद होगा कि कार्यक्रम में भागीदारी करने वाले सभी दो लाख इक्यावन हजार से अधिक स्वंयसेवकों के भोजन के लिए संघ से जुड़े परिवारों के घर से भोजन के पैकेट भेजे जाएंगे।भोजन निर्माण के लिए अलग से कोई व्यवस्था नही की गई है।कार्यक्रम स्थल की बाहरी सुरक्षा उत्तर प्रदेश पुलिस एवं एटीएस संभालेगी लेकिन आंतरिक सुरक्षा के लिए संघ के स्वयंसेवको पर ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भरोसा जताया है।
राजनीतिक पंडित राष्ट्रोदय कार्यक्रम को 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए संघ का शक्ति परीक्षण मान रहे हैं।
कुछ भी हो राष्ट्रोदय कार्यक्रम से सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक संघ की शाखाओं के व्यापक विस्तार की संभावना है।ऐसा होने से राष्ट्रवादी शक्तियां अधिक मजबूत होकर उभरेंगी जो छद्म-धर्मनिरपेक्ष ताकतों को कड़ी चुनौती प्रस्तुत करेंगी।साफ है कि आगामी दशकों में भारत में राष्ट्रवादी शक्तियों का दबदबा कायम रहने वाला है।
Saturday, February 24, 2018
राष्ट्रोदय
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