अबकी कांवड़िया तिरंगे
वाली लाना,
सावन में मटकी
जल गङ्गे वाली लाना।
अबके.....
अधर्मी बेख़ौफ़ है
घायल कश्मीर है
अबकी रे फ़ौज़
सिरफिरंगे वाली लाना।
अबकी..
मस्ति का दौर नही
समर का उद्घोष है।
मान पे है हमला
फरसा चंगे वाली लाना
अबकी....
@सुनील सत्यम,स्वरचित
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