दिग्विजय सिंह अन्ना आन्दोलन के धुर विरोधी है. उन्होंने हमेशा आन्दोलन की निंदा की है. उनका हर संभव प्रयास आन्दोलन को किसी भी प्रकार से बदनाम करने का रहा है. अन्ना आन्दोलन को उन्होंने चवन्नी का दान नहीं दिया. लेकिन उन्हें आन्दोलन को मिले चंदे का हिसाब चाहिए. एक-एक पाई का हिसाब चाहिए दिग्विजय को.. देश की जनता , जिसने १५ दिन के अन्दर आन्दोलन को लगभग ३ करोड़ रुपये का चंदा दिया, उसने कभी आन्दोलन से चंदे के पैसे का हिसाब नहीं माँगा. जनता को अपने सामाजिक नेतृत्व पर भरोसा है इसीलिए उसने आन्दोलनकारियों से हिसाब नहीं माँगा.
अच्छा रहता की दिग्विजय सिंह ने दिल्ली में हुए commanwealth games में हुए खर्च का हिसाब शीला दीक्षित से माँगा होता. कांग्रेस को मिले राजनितिक चंदे का कभी हिसाब माँगा होता. अच्छा रहता उन्होंने दिल्ली में बन रहे सिग्नेचर ब्रिज पर हो रही लूट का दिल्ली की मुख्यमंत्री से हिसाब माँगा होता.
ऐसे बहुत से हिसाब है जो यदि दिग्विजय सिंह ने मांगे होते तो उनके साथ-साथ कांग्रेस की छवि भी सुधरी होती..
कुंवर सत्यम
1 comment:
satyam ji ke satya vachan
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