दिग्विजय सिंह को इस देश के महानतम नेताओं में शामिल किया जायेगा.आये दिन वह जो बयान दे रहे है उनका संकलन करके गाँधी-वाद, मार्क्स-वाद आदि की भांति दिग्विजय- वाद का आगमन होने वाला है. दिग्विजय-वाद में धारा के उलटे चलने की सीख निहित होगी. हमारी समझ बहुत छोटी है..सो हम अभी उनकी महानता का अंदाजा नहीं लगा सकते है..कबीर की उलटबांसियों की ही भांति दिग्विजय सिंह जी के बयानों के भी कुछ विशेष अर्थ है जिसे हम मूर्ख-अज्ञानी लोग नहीं समझ सकते है..
गाँधी वाद हमें दुश्मन के ह्रदय परिवर्तन का दर्शन देता है..अगर कोई तुम्हारे एक गाल पर थप्पड़ मारे तो तुम दूसरा आगे कर दो..और जब दूसरे पर मारे तो पहला...यही क्रम लगातार तब तक दोहराते रहो जब तक उसके हाथ न दुखने लगे..यही वह ज्ञान है जो सहनशीलता की वृद्धि करता है..गाँधी जी कहते थे की पाप से घृणा करो पापी से नहीं..दिग्विजय सिंह जी ने इसका व्यवहारिक तोड़ दे दिया जब उन्होंने ओसामा बिन लादेन को ओसामा जी कहकर संबोधित किया था..यानि आतंकवाद से घृणा करो आतंकी से नहीं..आखिर वो भी तो हम जैसे ही इन्सान है.दो चार दस निर्दोष लोगो को किसी आतंकवादी ने मार भी दिया तो क्या..? गलती तो किसी से भी हो सकती है..जो गलती नहीं करता वह सिर्फ भगवान ही हो सकता है..
यदि कोई आतंकवादी किसी आतंकी घटना में पकड़ा जाता है तो उसे हमें उसे जेल में नहीं सडाना चाहिए बल्कि चार्ज शीट दायर करके उसे जमानत देकर उसके मानवाधिकारो का सम्मान करना चाहिए. इतनी उदारता सिर्फ दिगविजयवाद की ही विशेषता हो सकती है. सुरेश कलमाड़ी जी एवं राजा जी जैसे प्रतिभाशाली राजनीतिज्ञों की जगह तिहाड़ में नहीं होनी चाहिए. अमरीका ने उदरता का परिचय देते हुवे रजत गुप्ता को चार्ज शीट दायर करने के बाद जमानत पर रिहा कर दिया है.. क्योंकि अमेरिका जानता है की रजत जैसे प्रतिभाशाली व्यक्ति की जगह जेल में नहीं होनी चाहिए ..... अमेरिका ऐसा सोच सकता है क्योंकि वह अमेरिका है.. हम ऐसा नहीं सोच सकते है क्योंकि हमारे पास सिर्फ एक ही दिग्विजय सिंह है ...लेकिन अब हम ऐसा सोच सकते है क्योंकि अब हमारे पास दिगविजयवाद है. हमें कलमाड़ी जैसी प्रतिभाओं का देश हित में लाभ उठाना चाहिए न की उन्हें जेलों में सड़ने के लिए छोड़ देना चाहिए.
देश की संसद पर बम फेंकने वाले "अफजल जी" जैसे महान लोगों के मानवाधिकारों का सम्मान करते हुवे उन्हें जमानत पर रिहा कर देना चाहिए. मै तो कहूँगा की उन्हें मेरे गृह जनपद प्रबुद्ध नगर से सांसद चुनाव भी लडवा देना चाहिए.
आइये प्रणाम करते है भारत और दुनिया को एक नई दृष्टि " दिग्विजय वाद " देने के लिए श्री दिग्विजय सिंह जी को..
कुंवर सत्यम.
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