यह अचानक नही हो सकता है कि ऑपरेशन ब्लू स्टार के 3 दशकों के बाद पंजाब में अचानक खालिस्तान समर्थक गतिविधियां बढ़ जाएं !
फरवरी 2017 के पंजाब विधान सभा चुनाव को देश की एक क्षेत्रीय पार्टी ने खुद को राष्ट्रीय पार्टी के रूप में स्थापित करने के सुनहरे अवसर के रूप में देखा और इसे जीतकर पंजाब में सरकार बनाने के सपने देखने शुरू कर दिए। पंजाब में पहले भी विधान सभा चुनाव होते रहे हैं लेकिन कभी भी किसी पार्टी ने चुनाव जीतने के लिए कनाडा के रुख नही किया ! लेकिन 2017 का पंजाब विधान सभा चुनाव इस मामले में अलग था । इस राजनीतिक दल ने पंजाब में बिना किसी आधार के मीडिया मैनेजमेंट और कथित चुनाव पूर्व सर्वे के द्वारा 2016 के प्रारम्भ से ही ऐसा माहौल बनाना शुरू कर दिया कि इस बार पंजाब में उसकी सरकार बन रही है । इस पार्टी ने अपने एक नेता को पंजाब का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया जिसने पंजाब में कम और कनाडा में अधिक समय बिताया। इस पार्टी की राष्ट्रीय समिति के एक सदस्य से मेरी 2016 के प्रारम्भ में बात हुई थी जिसने मुझे पार्टी की पंजाब चुनाव रणनीति और खालिस्तान समर्थकों द्वारा पार्टी को आर्थिक मदद व चुनाव जिताने के लिए मदद के वायदे के बारे में बताया था।उस समय मुझे उसकी बातों पर तनिक भी विश्वास नही हुआ लेकिन धीरे धीरे सच्चाई सामने आने लगी।उस पार्टी के नेताओं की कनाडा यात्रा के बारे में खबरे बाहर आने लगी। आपको बता दूं कि कनाडा पाकिस्तान के बाद, खालिस्तानी आतंकियों का सबसे बड़ा अड्डा बना हुआ है।
पंजाब चुनाव के दौरान प्रदेश में खालिस्तान समर्थकों को गतिविधियां अचानक बढ़ने लगी।कई खालिस्तानी आतंकियों को इस राजनीतिक दल की चुनाव सभाओं में देखा गया।इस बात की संभावना से इनकार नही किया जा सकता कि खालिस्तानी चैनल के माध्यम से पाकिस्तान ने भी इस पार्टी को पंजाब चुनाव के दौरान फंडिंग की हो!
यह अकारण नही हो सकता कि इस पार्टी का मुखिया 29 सितंबर 2016 को भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान पर किये गए सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगे ! ज्ञातव्य है कि पाकिस्तानी आतंकी हाफिज सईद खुलेआम इस सबूत मांगने वाले नेता की तारीफ कर चुका है। सबूत मांगने के पीछे पार्टी को फंडिंग करने वाले खालिस्तानियों और पाकिस्तानियों की नाराजगी मोल न लेना बड़ा कारण हो सकता है?
इस पार्टी के मुखिया पर शुरू से ही खालिस्तानी समर्थक आतंकियों से समर्थन लेने के आरोप लगते रहे है! पंजाब चुनाव में पार्टी को पैसो की काफी जरुरत थी यह बात को खालिस्तान समर्थक काफी अच्छे से जानते थे, इसी बात को जानते हुए खालिस्तान समर्थकों ने भी इस राजनीतिक दल में खूब दिलचस्पी ली! इस पार्टी के सहारे वो राज्य की राजनीति में पर्दे के पीछे से पकड़ बनाने की कोशिश में हैं! यूरोप और दूसरे देशों में कारोबार कर रहे सिख समुदाय के पास पैसे की कोई कमी नहीं है! इनमें से कई लोगों के पास अच्छी खासी मात्रा में ब्लैकमनी भी है! यही ब्लैकमनी चंदे की शक्ल में इस राजनीतिक पार्टी को पहुंचाई गई ।जिसके बदले में इन खालिस्तानी संगठनों की मांग की चुनाव में उनकी पसंद के उम्मीदवार उतारे जाएं! कई खालिस्तानी नेताओं ने बाकायदा कैंडिडेट स्पॉन्सर भी किये।
पंजाब में एक बार फिर खालिस्तान समर्थक आतंकवादियों की गतिविधियां बढ़ गई हैं. बीती 21 मई को पंजाब पुलिस और BSF ने संयुक्त ऑपरेशन में अमृतसर के पास अजनाला से दो खालिस्तानी आतंकियों को पाकिस्तान से आए हथियारों की डिलीवरी लेते हुए गिरफ्तार किया था। बीते दिनों पंजाब पुलिस की इंटेलिजेंस विंग और मोहाली पुलिस ने साझा ऑपरेशन में खालिस्तान जिंदाबाद नाम के एक नए टेरर मॉड्यूल का खुलासा किया है.
पंजाब को सुलगाने की साजिश
पंजाब पुलिस और बीएसएफ के हत्थे चढ़े चार आतंकियों ने पूछताछ के दौरान इस नए खालिस्तानी टेरर मॉड्यूल का खुलासा किया है. पकड़े चारों आतंकी इस मॉड्यूल को खड़ा करने की कोशिश कर रहे थे. जानकारी के मुताबिक 1984 के सिख दंगों के मुख्य आरोपी रहे कांग्रेसी नेता सज्जन कुमार और जगदीश टाइटलर इन आतंकियों के निशाने पर थे. साथ ही पंजाब में सिख धर्म के ग्रंथों की बेअदबी करने वाले लोग भी इनके निशाने पर थे. इन आतंकियों की कोशिश थी कि कोई बड़ी वारदात करके पंजाब की शांति भंग की जाए।
मोहाली के एसएसपी कुलदीप चहल ने जानकारी देते हुए बताया कि इन आतंकियों को विदेश में बैठे खालिस्तानी समर्थकों की ओर से फंडिंग की जा रही थी. मोहाली और चंडीगढ़ में इन आतंकियों को पनाह देने के लिए खालिस्तान समर्थक स्लीपर सेल मदद कर रहे थे. इन आतंकियों की कोशिश थी कि उन लोगों पर हमले किए जाएं जो कि सिख विरोधी हैं और उसके बाद सिखों का भावनात्मक समर्थन हासिल किया जाए. ये आतंकी सीमावर्ती इलाकों में हिंसा भड़काने के लिए किसी बड़ी वारदात को भी अंजाम देना चाहते थे. पाकिस्तान, इंग्लैंड और कनाडा में बैठे खालिस्तान समर्थक पंजाब के युवकों को फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया पर आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार कर रहे थे.
आतंकी साजिश का खुलासा
सोशल मीडिया पर खालिस्तान समर्थक सोच रखने वाले आतंकियों ने मिलकर खालिस्तान जिंदाबाद नाम का एक नया मॉड्यूल भी तैयार कर लिया है. ये सभी आतंकी हथियार खरीदने और आतंक फैलाने के लिए फंड इकट्ठा करने की कोशिश में भी लगे हुए थे. पंजाब के बठिंडा में 26 मई को 5 लोगों को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया था. वे लोग लूटपाट करते थे लेकिन जब इन लोगों से पूछताछ हुई तो पता लगा कि ये पांचों ही खालिस्तान समर्थक आतंकी हैं। हथियार खरीदने के साथ-साथ अपने मिशन को आगे बढ़ाने के लिए पैसा इकट्ठा करने के लिए लूटपाट करते थे. उनकी निशानदेही पर ही पुलिस ने चंडीगढ़ के नजदीक मोहाली में छिप कर बैठे इन चार आतंकियों को गिरफ्तार किया है.
इन चार आतंकवादियों के मंसूबे जानकर ही पुलिस को पता लगा कि जिस खालिस्तानी आतंकवाद को वे पंजाब में खत्म हो चुका मान रहे हैं। पकड़े गए चारों आतंकी उसकी जड़ें जमाने के लिए काम कर रहे थे । पाकिस्तान, खालिस्तान और इस महत्वकांक्षी भारतीय राजनीतिक दल के बीच हुए अनैतिक गठजोड़ ने फिर से पंजाब में खालिस्तान की जड़ों को सींचकर एक नया भस्मासुर पैदा करने की कोशिश की है। इन गिरफ्तार खालिस्तानी आतंकियों में से एक गुरदयाल सिंह इस राजनीतिक दल के विधानसभा उम्मीदवार के चुनाव प्रचार में भाग ले चुका है, जो खालिस्तानी आतंकियों और इस पार्टी के बीच खतरनाक गठजोड़ का खुलासा करता है। याद रहे कि इस पार्टी के मुखिया ने पंजाब चुनाव के दौरान खालिस्तान कमांडों फ़ोर्स एक पूर्व आतंकी के घर पर रात्रि विश्राम किया था।
6 जून को आपरेशन ब्लू स्टार की चौंतीसवीं सालगिरह पर स्वर्ण मंदिर अमृतसर में हुए एक कार्यक्रम में खालिस्तान समर्थक कट्टरपंथियों ने खुलेआम "खालिस्तान जिंदाबाद" के नारे लगाए जो भयावह कल का संकेत कर रहे हैं।
Tuesday, June 6, 2017
देश विरोधी राजनीति का खालिस्तानी कनेक्शन!
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment