Monday, December 12, 2016

कम जानते हो!

तुम मुझे जितना भी जानते हो,कम जानते हो,
तुम जितना भी बांचते हो,कम बांचते हो,
कड़वे पर मुंह बनाकर,सिर्फ मधुर को छांटते हो!!!
मैं जो दिखता हूँ ,वही हूँ!
ये तो तुम हो,जो मुझे मनमाफिक बांटते हो!!

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